आँखों की गिरह से आंसुओ को आज़ाद कर देंगे। तेरी सुनी पड़ी चश्म को ख़्वाबों से आबाद कर देंगे। तेरे अश्क़ों के समंदर से सींच कर, तेरी आरज़ूओं के क़ब्रिस्ताँ को गुलज़ार कर देंगे। A novice attempt. :)
आँखों की गिरह से आंसुओ को आज़ाद कर देंगे।
ReplyDeleteतेरी सुनी पड़ी चश्म को ख़्वाबों से आबाद कर देंगे।
तेरे अश्क़ों के समंदर से सींच कर,
तेरी आरज़ूओं के क़ब्रिस्ताँ को गुलज़ार कर देंगे। A novice attempt. :)