एक बार फ़िर
आज आपके जन्मदिन पर एक ही ख़्वाइश सी होती है
की काश एक बार फिर आपसे मिल पाते,
की एक बार आपको फिर देख पाते आपके हाथों का स्पर्श महसूस कर पाते।
हमारे घर की घंटी फिर बजती और आप जोर से आवाज़ लगाते , "कहा है भोपाली,? बच्चे उसे सुन थोड़ा चहक जाते,
और माँ बस एक बार फिर खुश हो, थोड़ा सज जाती !
अधूरा मन चाहता है की काश एक बार फिर आप हमे पुचकार लेते , "अरे तो क्या हुआ , फिर हो जायेगा " ऐसा कह हमारे हारे मन को जीता देते !
आपके लिया फुआ शायद घर आ जाती और आपकी कलाई पर कितनी राखियां बंध जाती। बहुत सालों से मिले नहीं जिनसे वह दोस्त और रिश्तेदार भी हमारे घर जमघट लगा जाते।
आप एक बार फिर हमें मना लेते, कुछ सबक जो सीखा आपके न होने पर, दुनियादारी के वह पाठ आप खुद ही पढ़ा जाते।
आपके लगाए पौधों में फूल आ गए है अब पापा, और पटना के घर में आम टूटने को तैयार है, आप एक बार हमारे साथ वह स्वाद फिर चख जाते ,
कुछ बातें अधूरी ही रह गयी, हम लोग आपको "पापा आप सबसे अच्छे है" ये एक बार और कह पाते , बहुत सी sorry और बहुत सारा thanku कहना रह गया , इस बार जरूर सब कह जाते, पापा बस एक बार आप आ जाते , इस बार सिर्फ हमारे लिए, आप लिखे थे न की हम सब अब पटना चलेंगे साथ रहेंगे , तो वह आपका सपना एक बार पूरा कर पाते , एक बार बस एक बार आप फिर आप हम सबसे मिल पाते
हम थक जाते है कभी कभी , आप हमारा हौसला एक बार फिर बढ़ा देते, आपके इस 75th birthday पर पापा हम सिर्फ यही प्रे करते है, भगवन सबको आप जैसे पापा दे , पर आपको हर जनम में सिर्फ हमारे लिए दे.