Monday, 28 August 2017

ज़माना दिखावे का

रामचंद्र कह गए सिया से
  ऐसा कलयुग आएगा 

हंसने के लिए पार्क मनुष्य 
और 
रोने के लिए रियलिटी शो में जायेगा !!

जब क्रोध मनुष्य पे छाता है 
वह बिग बॉस के घर जाता है !!

मुँह बिचकाकर मुस्काता है !
और उसपे खुद ही फिर इतराता है !




Friday, 25 August 2017

Social Media


हमारी ज़िंदगी चाहे 2G  क्यों ना हो , सोच की रफ़्तार तो 4G है! 
भारतीय या विदेशी होने से पहले तो हम, सच्चे फेसबूकियाँ हैं !
 बड़े ही जतन से मनाते है हम सारे त्यौहार ,
तिलक या रोली  लगाकर , हम करते हैं अपडेट बार बार 

कलाई पे राखी हो या तीज पे सिंदूर,बिना फेसबुक कहाँ है पूरा दस्तूर 
आज होली हो तो कल  पूरा  रंगीन हो जाता है स्क्रीन 
खुद से ज्यादा   हमें दुसरो के लाइक पर हैं यकीन 

अपने को आईने में कम, कैमेरे में ज्यादा देखते है 
तारीफों के पुल सुनने को हर  लम्हा तरसते है 
लल्ला फर्स्ट  आये तो मिठाई  नहीं , दुनिया की बधाई चाहिए
पड़ोस  के Mrs शर्मा की   रेसेपी भी ऑनलाइन चाहिए  
डाल  कर मेडल का अपडेट , करते हैं  फिर कमैंट्स का वेट  
नब्ज़ की तरह करते है  हम नेट को हर वक़्त चेक 

सोशल मीडिया  का कीड़ा काटा  है कुछ इस कदर
दवा नहीं, दारू नहीं, बस whatsapp  का ग्रीन
करता है हमारी तबियत ठीक !

नाश्ता और चाय, टेबल  पर  नहीं,timeline पर सजाते है
दोस्तों को छत के  बदले, chat पर  तलाशते है !
खूबसूरत सी इस ज़िंदगी को हम Andriod में कैद किये जाते है !