"Kuch Meri Kalam Se....."
Tuesday, 8 March 2016
मशगूल है वह ज़िंदगी की रफ़्तार में !!
और हम?
खड़े है यादों की कतार में
आदत
समेटने से भी सिमटती नहीं
एक मजबूरियों की चादर,
और दूसरी, उसकी आदत!!
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