Thursday, 22 September 2016

चाय की अभिलाषा

चाह  नहीं की मैं कैफ़े डे में  ही रोज़ जाऊ ,
चाह नहीं की चायोस में जाकर फालतू का बिल बढ़ाऊ !!

चाह नहीं की स्टारबकस में बैठ अपने भाग्य पे इतराऊं !

मुझे ले जाना अये  दोस्त बिठा देना मुझे वहां ,
 कुल्लहड़ की चाय पीने,  जाते हो चाय के प्यासे
लोग अनेक जहाँ !!


Thursday, 15 September 2016

Life is beautiful ?

A cup in hand , thought in mind
     Memories  that couldn't resist to unwind

Different shades, trace  of  pinks and tinge of  grays
     Few Rains Drops and Bright  Sunny Rays 

Life is beautiful, all convey 
  I humbly accept ... what more do I say? 
    
     

Thursday, 1 September 2016

तू और तेरा संसार

अपरिचित सा रूप इस  संसार का
मौजो को ठहरते और भावनायो को बहते देखा !

जुग्नुयों को जगमगाते तो  सितारों को बुझते देखा
इंसानो को जलते और ठंडी लाशो को सजते देखा !

इन आँखों ने ये गजब   ही रूप संसार  का देखा !