चाह नहीं की मैं कैफ़े डे में ही रोज़ जाऊ ,
चाह नहीं की चायोस में जाकर फालतू का बिल बढ़ाऊ !!
चाह नहीं की स्टारबकस में बैठ अपने भाग्य पे इतराऊं !
मुझे ले जाना अये दोस्त बिठा देना मुझे वहां ,
कुल्लहड़ की चाय पीने, जाते हो चाय के प्यासे
लोग अनेक जहाँ !!
चाह नहीं की चायोस में जाकर फालतू का बिल बढ़ाऊ !!
चाह नहीं की स्टारबकस में बैठ अपने भाग्य पे इतराऊं !
मुझे ले जाना अये दोस्त बिठा देना मुझे वहां ,
कुल्लहड़ की चाय पीने, जाते हो चाय के प्यासे
लोग अनेक जहाँ !!
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