अपरिचित सा रूप इस संसार का
मौजो को ठहरते और भावनायो को बहते देखा !
जुग्नुयों को जगमगाते तो सितारों को बुझते देखा
इंसानो को जलते और ठंडी लाशो को सजते देखा !
इन आँखों ने ये गजब ही रूप संसार का देखा !
मौजो को ठहरते और भावनायो को बहते देखा !
जुग्नुयों को जगमगाते तो सितारों को बुझते देखा
इंसानो को जलते और ठंडी लाशो को सजते देखा !
इन आँखों ने ये गजब ही रूप संसार का देखा !
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