हमारी ज़िंदगी चाहे 2G क्यों ना हो , सोच की रफ़्तार तो 4G है!
भारतीय या विदेशी होने से पहले तो हम, सच्चे फेसबूकियाँ हैं !
बड़े ही जतन से मनाते है हम सारे त्यौहार ,
तिलक या रोली लगाकर , हम करते हैं अपडेट बार बार
कलाई पे राखी हो या तीज पे सिंदूर,बिना फेसबुक कहाँ है पूरा दस्तूर
आज होली हो तो कल पूरा रंगीन हो जाता है स्क्रीन
खुद से ज्यादा हमें दुसरो के लाइक पर हैं यकीन
अपने को आईने में कम, कैमेरे में ज्यादा देखते है
तारीफों के पुल सुनने को हर लम्हा तरसते है
लल्ला फर्स्ट आये तो मिठाई नहीं , दुनिया की बधाई चाहिए
पड़ोस के Mrs शर्मा की रेसेपी भी ऑनलाइन चाहिए
डाल कर मेडल का अपडेट , करते हैं फिर कमैंट्स का वेट
नब्ज़ की तरह करते है हम नेट को हर वक़्त चेक
सोशल मीडिया का कीड़ा काटा है कुछ इस कदर
दवा नहीं, दारू नहीं, बस whatsapp का ग्रीन
करता है हमारी तबियत ठीक !
नाश्ता और चाय, टेबल पर नहीं,timeline पर सजाते है
दोस्तों को छत के बदले, chat पर तलाशते है !
खूबसूरत सी इस ज़िंदगी को हम Andriod में कैद किये जाते है !