Friday, 22 May 2026

घोंसला

 
घोसला बना अपना, किसी कोने में हमें अपने वजूद से रूबरू कराती है, 
हम अनसुना अनदेखा न कर दे  इन्हे, तो ची ची ची कर अपनी  उपस्थिति दर्ज कराती है 

मैं चाहती थी बुलाना इन्हें कई बार, दाना भी  डाला, पानी रख घड़े में इंतज़ार किया 
पर आना इन्होने इस बार ही ठाना था.

चुग कर दाना, और कुछ बूंदों से तर कर गला अपना,
झटपट  उड़ जाती है फिर, कुछ तिनको की तलाश में 

कभी बहुत ही उत्तेजित हो हलके आहट से भी 
अपनों नन्हे चिड़ो को खुद में छुपा लेती है !

समय के साथ फिर खुद ही उन्हें खुले आसमान में छोड़ आती है, 

और वह घोंसला, उसका तिनका हमारे बरामदों में बिखेर जा उड़ती हैं किसी और डाली , 
बटोर कर सारे  तिनके, नए घोसले के इंतज़ार में। .... मिनाक्षी 





बातचीत

ऐसा नहीं बात होती नही अब तुमसे, होती है ना , 

बात होती है मौसम की , हाँ पर बारिश की नही, जहाँ हम चाय पीते साथ में, 
बात होती है, क्या हाल है, सब ठीक ना ?ये पूछ लेते हैं, हाँ, पर सही हाल-ए-दिन बताते नहीं हम। 

कभी उलझनों में फंस जाऊँ  तो तुरंत हल निकाल लेते हो तुम, 
हाँ, पर हाँथ पकड़कर "सब ठीक हो जाएगा" ऐसा कुछ कर पाते नहीं अब. 

त्योहारों पर बात हो जाती है अक्सर, बधाईया भी दे देते है हम 
हाँ पर मेरे जन्मदिन पर मेरे पसंद का तोहफा तुम लाते नहीं अब! 

हम साथ है  एक ही शहर में, पर चाँद एक साथ देख पाते नहीं हम!

दोस्त हमारे पूछ लेते है हाल हमारा साथ में, पर हमें साथ अब देख पाते नहीं अब !

मिनाक्षी 



Wednesday, 20 May 2026

एक बार फ़िर


एक बार फ़िर 

आज आपके जन्मदिन पर एक ही ख़्वाइश सी होती है 

की काश एक  बार फिर आपसे मिल पाते, 

की एक बार आपको फिर देख पाते  आपके हाथों का स्पर्श महसूस कर पाते। 

हमारे घर की घंटी फिर बजती और आप जोर से आवाज़ लगाते , "कहा है भोपाली,? बच्चे  उसे सुन थोड़ा चहक जाते, 

और माँ बस एक बार फिर खुश  हो, थोड़ा सज जाती !

 अधूरा मन चाहता है की काश एक बार फिर आप हमे पुचकार  लेते , "अरे तो क्या हुआ , फिर हो जायेगा " ऐसा कह हमारे हारे  मन को जीता देते !

आपके लिया फुआ शायद घर आ जाती और आपकी कलाई पर कितनी राखियां बंध  जाती।  बहुत सालों से मिले नहीं जिनसे वह दोस्त और रिश्तेदार भी हमारे घर जमघट लगा जाते।  

आप एक बार फिर हमें मना  लेते, कुछ सबक जो सीखा आपके न होने पर, दुनियादारी के वह पाठ आप खुद ही पढ़ा जाते।    

आपके लगाए पौधों में फूल आ गए  है अब पापा, और पटना के घर में आम टूटने को तैयार है, आप एक बार हमारे  साथ वह स्वाद फिर चख जाते , 

कुछ बातें अधूरी ही रह गयी,   हम लोग आपको "पापा आप सबसे अच्छे  है" ये एक बार और कह पाते , बहुत सी sorry और बहुत सारा thanku कहना रह गया , इस बार जरूर सब कह जाते, पापा बस एक बार आप आ जाते , इस बार सिर्फ हमारे लिए, आप लिखे थे न की हम सब अब पटना चलेंगे साथ रहेंगे , तो वह आपका सपना एक बार पूरा कर पाते , एक बार बस एक बार आप फिर आप हम सबसे मिल पाते 

हम थक जाते है कभी कभी , आप हमारा हौसला एक बार फिर बढ़ा देते,    आपके इस 75th  birthday पर पापा हम सिर्फ यही प्रे करते है, भगवन सबको आप जैसे पापा दे , पर आपको हर जनम में सिर्फ हमारे लिए दे.