बात होती है मौसम की , हाँ पर बारिश की नही, जहाँ हम चाय पीते साथ में,
बात होती है, क्या हाल है, सब ठीक ना ?ये पूछ लेते हैं, हाँ, पर सही हाल-ए-दिन बताते नहीं हम।
कभी उलझनों में फंस जाऊँ तो तुरंत हल निकाल लेते हो तुम,
हाँ, पर हाँथ पकड़कर "सब ठीक हो जाएगा" ऐसा कुछ कर पाते नहीं अब.
त्योहारों पर बात हो जाती है अक्सर, बधाईया भी दे देते है हम
हाँ पर मेरे जन्मदिन पर मेरे पसंद का तोहफा तुम लाते नहीं अब!
हम साथ है एक ही शहर में, पर चाँद एक साथ देख पाते नहीं हम!
दोस्त हमारे पूछ लेते है हाल हमारा साथ में, पर हमें साथ अब देख पाते नहीं अब !
मिनाक्षी
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