जो खुद से नाराज़ होना तुम कभी ,
हमसे दो शब्द बतिया लेना
थक जाओ जब जेठ की तपती धुप से
तो अमवा की गाछी में सुस्ता लेना
उलझ जाओ गर ज़िन्दगी के उतार चढ़ाव में
तो समय से उसको सुलझवा लेना
आगे बढ्ने की जल्दी में निकल जाओ जब सबसे आगे
और हम जब रह जाये कुछ पीछे
प्यार का वास्ता देकर हमको फिर बुलवा लेना
जब तनहा पड़ जाओ भीड़ में भी, तब हमसे दो शब्द बतिया लेना
हमसे दो शब्द बतिया लेना
थक जाओ जब जेठ की तपती धुप से
तो अमवा की गाछी में सुस्ता लेना
उलझ जाओ गर ज़िन्दगी के उतार चढ़ाव में
तो समय से उसको सुलझवा लेना
आगे बढ्ने की जल्दी में निकल जाओ जब सबसे आगे
और हम जब रह जाये कुछ पीछे
प्यार का वास्ता देकर हमको फिर बुलवा लेना
जब तनहा पड़ जाओ भीड़ में भी, तब हमसे दो शब्द बतिया लेना
Beautifully expressed :) :)
ReplyDeletethanku ...
DeleteSooo engrossing 😊 Love to always read/listen wat u write
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ReplyDeleteये दो शब्द तो जी क़ातिल से बेहतरीन हैं ।
ReplyDeleteमेरे तरफ़ से पार्टी
Loved it :*
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