Monday, 28 March 2022

गुलाब

 सख्त उंगलिया उसकी नरम से गुलाब की पंखुरियों से लिपटी रहती है दिन भर 

आधे सोये आँखों में उम्मीद चमक जाती है जब  उसका गुलाब नए साफ़ मुलायम उँगलियों में जा सबको  छलता है

 कल फिर नयी सुबह ,नया गुलाब , सख्त हथेलियों में जकड , नरम उँगलियों की तलाश में निकलेगा 


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