ये बेमतलब का इश्क़ भी कमाल का है।
खुशियों में इज़ाफ़ा हो न हो, अश्कों में बेहिसाब होता है|
मुक़द्दमे चलते है जज़्बातों पे ,
खुशियों में इज़ाफ़ा हो न हो, अश्कों में बेहिसाब होता है|
मुक़द्दमे चलते है जज़्बातों पे ,
और गिरफ्तार अरमान होता है !
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