Tuesday, 28 August 2018

2017

नया दौर है नई उमंगे , अब है नई कहानी
           हम हिंदुस्तानी ,हम हिंदुस्तानी 

बचपन में सुना था ये गाना , अब लगता है काफी पुराना 
न रहा वोः  इंसान और ना ही वह उफान !!


बचपन में घर घर खेलते हुए हमेशा लेडी बनना चाहते थे ,तब खिलौनों से खेलने को मिलता था ,
पता नहीं क्यों तब  किसी ने टोका क्यों नहीं   की लड़के भी खाना बना सकते है और औरते भी  ऑफिस जा सकती है !


बचपन में घर घर खेलते हुए पता नहीं क्यों तब किसी ने टोका क्यों नहीं की लड़के भी खाना बना सकते है और औरते भी ऑफिस जा सकती है



                                                                         IGL  का सामाजिक दायित्व -

IGL और CSRL मिलकर ला रहे है समाज में बदलाव

अपने  बच्चो  के भविष्य  को दीजिये एक नया आकर
क्योकि हम करेंगे उनके सपनो को साकार

१२वी   में पढ़ रहे बच्चे अगर बनना चाहते है इंजीनियर
और पैसे की मज़बूरी बन रही है अरचन

हम देते  है उन्हें एक अवसर ,
११ महीने उन्हें हम करेंगे IIT/JEE के लिए तैयार,
पढाई, रहने  व खाने का खर्च नहीं होगा आप पर एक भार

प्रवेश परीक्षा की जानकारी हेतु संपर्क करे

मिनाक्षी
9711909428 /९७११९०९४२८ / 7042199683 ७०४२१९९६८३
रोहित - 8826190984 /८८२६१९०९८४






एक दो रावण  हमने  भी जला दिए  !
कुछ हाथो में किताब और कुछ आँखों में सपने सजा दिए  !

दादी के साथ छठ के घाट पर जाते जाते ,
साफ़ सुथरे आँगन में  टिकरियों को रात भर बनते देखते हुए
दिए की लौ और धुप से सुगन्धित वातावरण में सूरज को ढलते उगते देखते हुए, छठ को कहीं अपने भीतर ग्रहण कर लिया मैंने.

उसकी पवित्रता उसका महत्त्व कहीं खो न जाये भागते हुए जीवन में , इसी उद्देश्य से ये व्रत मैंने भी रखना शुरू कर दिया , दादी बहुत खुश हुई थी, अब भी नहाय खाये में दादी  का दाल कददू  याद आता है !
खरना के गुड़ की खीर में उनका आर्शीवाद मिलता है. अब माँ और घर वालों के साथ छठ करके उनकी उसी परंपरा को घर में जीवित  रख सकु , हर बार भगवन से ये शक्ति मांगती हूँ।  हमारी आने वाली पीढ़ियों को इस  पवित्र पर्व की परिभाषा हमेशा याद रहे इसकी प्रार्थी हूँ. !

बेटियों के लिए  एक अग्रिम कदम.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को एक कदम और आगे बढ़ाया NTPC  के एक सामाजिक प्रयास ने. 3 नवंबर २०१७ , को  एन  टी पी  सी  और CSRL ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जिसके तहत ये तय किया गया है की NTPC पुरे भारत में अपने कार्यछेत्र के करीबी स्थानों से ३० मेघावी किन्तु आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों की मदद अपनी परियोजना के माध्यम से करेगा
यह परियोजना इन  ३० लड़कियों को ११ महीने के मुफ्त आवास , खाने व् पढ़ने की सुविधा देगा , इस दौरान इन्हे इंजीनियरिंग के चुनावी परीक्षाओं के लिए तैयार करेगा.

भारत में यह लड़कियों के लिए लिया गया कदम काफी महत्वपूर्ण साबित होगा. इस परियोजना का सारा कार्यभार CSRL संचालित करेगा. इनके रख रखाव व् सुरक्षा का ख़ास ध्यान दिया जायेगा और इस परियोजना में कार्यरत ज्यादातर  कर्मचारी  महिलाये होंगी.




पुराना वाला साथ साथ चलता है, कुछ कदम , जब तक हम आगे न निकल जाये , टूटे  दिल को नयी  उम्मीद देने कल चमकेगा सूरज फिर , आने तो दो उसकी रौशनी अपने अलसाये  आँखों  पर


स्वतंत्रता सोच की, आगे बढ़ने की, अपना स्थान बनाने की, इस गणतंत्र दिवस पर सबके साथ लेते है ये प्रण


आज आईने में देखा खुद को, वो जो काले अल्लहड़ से उलझ जाया करते थे खयालो में
वही आज सम्भले से सिमटे है , सफ़ेद सा रंग उनका , ४१ सावन बांधे हुए है। .

वह जो चहक जाया करते थे  नयी ताल पर मन
 ढूंढता  है शब्दों को आज के साज़ में अब। ..


तुम झूठे तो नहीं हो कही ,
या मेरी घडी की सूइयां तेज़ हो गयी है



क्षितिज  से जमीं तक जो आये
वही नज़र है ,
जो अंधेरो को चीरकर एक नयी पहर  दे
वही सहर  है

उसके आने का इंतज़ार ही खूबसूरत है
आने के बाद, जाने के डर से

       

No comments:

Post a Comment