उस घर की दीवारों की परते उधड़ आई थी। । अरमान उसपे रंग भरने को फिर भी मचलते रहे
तंग हो रही मुट्ठी से भी जज्बात फिसलते रहे
बहुत ही सुन्दर :)
बहुत ही सुन्दर :)
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